पंचाल समाज ने धूमधाम मनाई विश्वकर्मा जयंती, भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए समाजजन बावड़ी मंदिर पर सतत् 42 साल से मनाया जा रहा प्राक्ट्य दिवस




जावेद खान थांदला। 

अखिल विश्व के रचियता, निर्माण और सृजन के देवता भगवान श्री विश्वकर्मा जी की जयंती थांदला में पंचाल समाज ने धूमधाम से मनाई। शनिवार सुबह से समाजजन अष्ट हनुमान बावड़ी मंदिर स्थित परिसर में भगवान विश्वकर्मा के पूजन हेतु एकत्रित हुए। विशेष साज-सज्जा कर मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया। जहां पर भगवान की पूजा का लाभ रवि भरत पंचाल ने सपत्निक लिया। जिसके बाद रथ में सवार होकर भगवान विश्वकर्मा नगर भ्रमण पर निकले। 



शोभायात्रा की शुरूआत बावड़ी मंदिर से हुई। जिसमें भगवान के रथ में बैठने और महाआरती का लाभ मनीष जगदीश पंचाल परिवार ने लिया। शोभायात्रा नगर के मुख्य मार्ग से होती हुई पुन: बावड़ी मंदिर पर समाप्त हुई। 



शोभायात्रा का विभिन्न चौराहों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शोभायात्रा में समाजजनों के साथ ही नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पण्दा,  दिलीप डामोर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। 

मंदिर में दोपहर 3 बजे से पं.  कैलाश आचार्य के मुखारविंद से विश्वकर्मा जी की कथा का श्रवण समाजजनों ने किया। जिसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ। 



कार्यक्रम स्थल पर ही महिला,  पुरुष और बच्चों के विभिन्न वर्गों में खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें पंचाल विकास मंच के जिलाध्यक्ष जगदीश पंचाल की ओर से विजेताओं को शील्ड देकर सम्मानित किया गया। जिसके बाद सभी समाजजनों का ने सामूहिक भोज का आयोजन किया गया।

‍थांदला समाज के अध्यक्ष मुकेश पंचाल ने बताया कि 20 फरवरी 1984 को बावड़ी मंदिर पर भगवान विश्वकर्मा की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। जिसके बाद से लगातार पंचाल समाज द्वारा प्रत्येक वर्ष प्राक्ट्य उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार सतत 42 वर्षों से सतत भगवान विश्वकर्मा के जन्मोत्सव पंचाल समाज द्वारा  मनाया जा रहा है। 

सभी कार्यक्रमों में  समाज के वरिष्ठ जयंतीलाल पंचाल, मांगीलाल पंचाल, डॉ. परमानंद पंचाल,नारायण भाई मिस्त्री,राजेन्द्र पंचाल, संजय पंचाल, अल्केश पंचाल,दिलीप पंचाल, आत्माराम शर्मा, प्रभुलाल सुतार सहित समाज के नवयुवक संदीप पंचाल, मयूर पंचाल, राहुल पंचाल, दुर्गेश पंचाल, योगेश पंचाल, मनोज पंचाल, सचिन पंचाल सहित बड़ी संख्या में समाज जन शामिल हुए।

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