मांडव नव संकल्प शिविर: कांग्रेस ने लिया बदलाव का संकल्प, जनहित और संगठन के लिए बनी रणनीति,,

मांडव नव संकल्प शिविर: कांग्रेस ने लिया बदलाव का संकल्प, जनहित और संगठन के लिए बनी रणनीति,,


अल्ताफ खान 

धार (मध्यप्रदेश), मांडव – मध्यप्रदेश कांग्रेस के दो दिवसीय "नव संकल्प शिविर" का आज भव्य समापन हुआ। शिविर में सभी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना की शपथ ली और एकजुट होकर राज्य में सामाजिक न्याय, जनहित और लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का संकल्प लिया।

1. नवयुग का संकल्प, समापन नहीं आरंभ – उमंग सिंघार

नेता प्रतिपक्ष श्री उमंग सिंघार ने शिविर के समापन पर कहा:

“यह दो दिन किसी समापन का नहीं, बल्कि नवयुग के संकल्प का आरंभ हैं।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस अतीत में नहीं उलझी, बल्कि भविष्य की ठोस रूपरेखा बना रही है। यह शिविर वैचारिक नवचिंतन, सांगठनिक सुधार और जनसंवाद की शुरुआत है।


2. बदलाव का वादा – जनहित एजेंडा घोषित

कांग्रेस ने मांडव की ऐतिहासिक धरती से मध्यप्रदेश की तक़दीर बदलने का संकल्प लिया है। घोषित प्रमुख वादे:

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
  • किसानों को आय का अधिकार
  • 27% OBC आरक्षण की बहाली
  • युवाओं को रोजगार व स्टार्टअप्स में समर्थन
  • दलित, आदिवासी और वंचित वर्गों को न्याय
  • महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

3. रणनीति स्पष्ट, ऊर्जा नई – विपक्ष तैयार

उमंग सिंघार ने कहा:

“हमने लड़ने और जीतने का मन बनाया है।”

इस शिविर से कांग्रेस विधायकों को नई ऊर्जा और दिशा मिली है। आने वाले समय में यह रणनीति जनसंपर्क अभियानों और संगठन विस्तार के ज़रिए जमीन पर दिखाई देगी।


4. हाईकमान का आशीर्वाद – संकल्प की ताकत

श्री राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, के.सी. वेणुगोपाल, हरीश चौधरी और जीतू पटवारी के मार्गदर्शन से यह शिविर कांग्रेस संगठन को नई दिशा देने वाला साबित हुआ। सभी विधायकों की गंभीर भागीदारी ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।


5. राहुल गांधी का संदेश – जनता के साथ खड़े रहने का आह्वान

लोकसभा सत्र के बीच भी श्री राहुल गांधी ने दिल्ली से वर्चुअली शिविर को संबोधित किया और कहा:

  • लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग खतरनाक
  • गरीबों की योजनाओं को कमजोर किया जा रहा है
  • धर्म और जाति के नाम पर असल मुद्दों से ध्यान हटाया जा रहा है
  • कांग्रेस को मध्यप्रदेश में पूर्ण समर्थन का आश्वासन

“जैसे महाराष्ट्र में जनादेश की चोरी हुई, वैसे ही मध्यप्रदेश में भी जनादेश की चोरी हुई।” – राहुल गांधी


6. समूह चर्चाएं – 6 टोलियों में हुआ जनहित मुद्दों पर मंथन

विधायकों को 6 समूहों में बांटकर व्यापक विचार-विमर्श कराया गया। मुख्य विषय:

  • जातिगत जनगणना
  • OBC आरक्षण
  • वन अधिकार कानून, पेसा एक्ट
  • संगठन सृजन और विस्तार
  • SHG, NGO और सहकारी संस्थाएं
  • आगामी रणनीति

7. भाजपा में घबराहट – कांग्रेस की एकता से चिंता

नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए कहा:

“भाजपा घबराई हुई है कि कांग्रेस आने वाले सत्र में उनके घोटाले उजागर करेगी।”

उन्होंने कहा कि यह शिविर भाजपा की नीतियों का जवाब देने की पूरी तैयारी है — “हमने मांडव में जनसंकल्प लिया है, भाजपा की तरह पंचमढ़ी में हनीमून नहीं मनाया।”


8. कांग्रेस का रणनीतिक दस्तावेज तैयार

शिविर के दौरान पार्टी ने एक आंतरिक रणनीतिक दस्तावेज तैयार किया है, जो पार्टी की आगामी राजनीतिक दिशा, जनसंपर्क अभियान और सांगठनिक मजबूती का आधार बनेगा।


9. प्रमुख नेताओं के विचार

सुप्रिया श्रीनेत – सोशल मीडिया को बनाएं हथियार

उन्होंने कहा कि:

“जो दिखता है, वही बिकता है। काम करिए और उसे दिखाइए भी।”

सोशल मीडिया के ज़रिए जनता से सीधे जुड़ने और भाजपा के दुष्प्रचार का जवाब देने पर ज़ोर दिया।


अजय माकन – कांग्रेस एक विचार है

“कांग्रेस ने संविधान और सामाजिक न्याय की नींव रखी है। भाजपा संविधान को कमजोर कर रही है। कांग्रेस ही गरीबों की असली आवाज है।”


हरीश चौधरी – गांव-गांव तक पहुंचे संदेश

उन्होंने संगठनात्मक संकल्पों को कार्यकर्ताओं और गांव-गांव तक ले जाने का आह्वान किया और कहा कि भाजपा बहस से भागती है, कांग्रेस मुद्दों पर जनता से जुड़ेगी।


जीतू पटवारी – सबका सम्मान, सबकी भागीदारी

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा:

“हमें एकजुट रहकर सभी वर्गों – ओबीसी, एससी, एसटी, सामान्य – सबका सम्मान बनाए रखना है। कांग्रेस की रणनीति सड़कों से लेकर सदन तक दिखेगी।”


उमंग सिंघार – गरीबों का दर्द समझना होगा

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस को गरीबों और झुग्गियों में रहने वालों का दुख समझना होगा और वही उसकी शक्ति है।



निष्कर्ष

मांडव का नव संकल्प शिविर, कांग्रेस पार्टी के लिए केवल विचार-विमर्श नहीं, बल्कि नवदृष्टि, नवरणनीति और जनसंपर्क की शुरुआत है। यह शिविर एक चेतावनी है कि कांग्रेस मैदान में लौट आई है – जुझारू, संगठित और विचारधारा से प्रेरित।



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