बैल की जान बचाने पर कर्मचारी डावर का सम्मान
लावारिस पशुओं की लगातार हो रही मौतों के बीच पेश की मानवता की मिसाल।
ब्रजेश खंडेलवाल आम्बूआ।
क्षेत्र में लावारिस जानवरों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। सड़कों पर घूमते इन जानवरों की लगातार मौतें हो रही हैं। बीते कुछ दिनों में अलग-अलग स्थानों पर चार गायों की मौत हो चुकी है। इन हालातों के बीच पशु चिकित्सालय आम्बूआ में पदस्थ कर्मचारी जोहरसिंह डावर ने अपने प्रयासों से एक बैल की जान बचाकर सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
जन्माष्टमी के दिन तिराहे पर एक बैल अचेत अवस्था में गिरा मिला। स्थानीय लोगों की मदद से उसे जीवित करने की कोशिशें शुरू की गईं। जैसे ही यह खबर डावर को मिली, उन्होंने बिना देर किए अपने निजी खर्च से दवाइयां और इंजेक्शन खरीदे और बैल को उपचार देना शुरू किया। बाद में वे बैल को अपने घर ले गए और दिन-रात सेवा करते रहे। निरंतर देखभाल के बाद सोमवार को बैल पूरी तरह स्वस्थ होकर खड़ा हो गया।
कर्मचारी डावर के इस सेवा भाव को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उनका सम्मान करने का निर्णय लिया। पशु चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें शाल ओढ़ाकर एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
होगा गौ-रक्षा समिति का गठन
इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने जल्द ही गौ-रक्षा समिति का गठन करने का निर्णय भी लिया, ताकि लावारिस पशुओं की सुरक्षा और देखभाल सुनियोजित ढंग से हो सके।
ये रहे उपस्थितजन
सम्मान समारोह में पूर्व सरपंच जूवानसिंह रावत, बृजेश खंडेलवाल, वसीम मंसूरी, आनंद वर्मा, दशमसिंह चौहान, मुस्तफा बोहरा, मजीद खान, चांद मोहम्मद मकरानी, लोगसिंह बामनिया सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
न्यूज एडिटर जावेद रशीद खान
9424860555

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