भूमि पूजन के बाद भी अधूरी सड़क,कीचड़ से जूझते ग्रामीण स्कूल के बच्चों की बड़ी परेशानी

 

उपचुनाव में प्रभारी मंत्री ने किया था वादा, बरसों बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं।



ब्रजेश खंडेलवाल आम्बूआ।

बोरझाड़ से मोटाउमर होकर पुरानी हवेली तक जाने वाला लगभग 7 किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग आज भी बदहाली की मार झेल रहा है। यह सड़क मोटाउमर, सेमलाया, अबगारी और सेवड़ जैसे ग्रामीण अंचलों के लोगों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। बरसों से निर्माण की मांग हो रही है, लेकिन अभी तक केवल वादे ही पूरे हुए हैं।

लगातार हो रही बारिश से मार्ग पर कीचड़ भर गया है। न सिर्फ वाहनों बल्कि पैदल चलने वालों के लिए भी यह रास्ता मुसीबत बन चुका है। सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है जो इसी मार्ग से गुजरकर कन्या स्कूल पढ़ने जाते हैं।


उपचुनाव में किया था भूमि पूजन।


जोबट विधानसभा की पूर्व विधायक सुश्री कलावती भूरिया के निधन के बाद हुए उपचुनाव में तत्कालीन प्रभारी मंत्री राजवर्धनसिंह दत्तीगांव ने इस सड़क का भूमि पूजन किया था। मंच से आश्वासन भी दिया गया था कि सड़क शीघ्र ही बनकर तैयार होगी। उपचुनाव के दौरान ग्रामीणों ने मंत्री की घोषणा पर विश्वास जताते हुए भारी मतदान भी किया था। लेकिन अफसोस, भूमि पूजन के बाद न तो निर्माण कार्य शुरू हुआ और न ही अब तक मरम्मत की गई।


ग्रामीणों में नाराज़गी।


ग्राम के सरपंच प्रतिनिधि आशीष कटारिया और उपसरपंच वेस्ता चौहान ने बताया कि क्षेत्रवासी कई बार सत्ता पक्ष के नेताओं और वर्तमान विधायक से सड़क निर्माण की मांग कर चुके हैं। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में मायूसी और आक्रोश है।

ग्रामीण अंचलवासियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस 7 किलोमीटर लंबे कच्चे मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन में हो रही कठिनाइयों से राहत मिल सके।


न्यूज एडिटर जावेद खान 

9424860555

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