इंजीनियरिंग कॉलेज को मेडिकल कॉलेज में बदलने के प्रस्ताव का विरोध। अभाविप ने RGPV कुलपति का पुतला फूंका

अभाविप ने RGPV कुलपति का पुतला फूंका

इंजीनियरिंग कॉलेज को मेडिकल कॉलेज में बदलने के प्रस्ताव का विरोध


झाबुआ।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) झाबुआ इकाई ने शनिवार को राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) के कुलपति का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। परिषद ने आरोप लगाया कि कुलपति ने 60 करोड़ रुपये में एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज को मेडिकल कॉलेज में बदलने का प्रस्ताव रखा है, जो विद्यार्थियों के हितों के खिलाफ है।


अभाविप मालवा प्रांत मंत्री दर्शन कहार ने बताया कि वर्ष 2015 से झाबुआ में एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग कॉलेज RGPV के माध्यम से संचालित हो रहा है, जहां से अब तक सैकड़ों छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। हाल ही में कॉलेज को गढ़वाड़ा में अपना स्वतंत्र भवन मिला था। मुख्यमंत्री की मंशा जनजातीय क्षेत्र झाबुआ में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की है, जिसे हम स्वागत योग्य मानते हैं, लेकिन इंजीनियरिंग कॉलेज की जगह मेडिकल कॉलेज खोलना उचित नहीं है। मेडिकल कॉलेज के लिए NMC की अलग गाइडलाइन होती है, इसलिए प्रशासन को इसके लिए नई भूमि आवंटित करनी चाहिए।

जिला संयोजक अजय भूरिया ने कहा कि झाबुआ आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यदि यहां के इंजीनियरिंग छात्रों को इंदौर स्थित आईटी कॉलेज में स्थानांतरित किया जाता है तो उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।


नगर मंत्री अमित चौहान ने पुतला दहन के दौरान चेतावनी दी कि यदि कुलपति ने अपना आदेश वापस नहीं लिया तो अभाविप उग्र आंदोलन करेगी। इस अवसर पर जितेंद्र निनामा, अभिनव भारिया, नाजिम शेख, श्रेयांस सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


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