जेल में डालने की धमकी देकर पुलिस आरक्षक मांग रहा था रुपए लोकायुक्त ने रंगे हाथ धर दबोचा किया प्रकरण दर्ज
मामला -सरदारपुर थाना क्षेत्र के पुलिस चौकी रिंगनोद का।
फरियादी से आरक्षक ने रुपए नहीं देने के बदले गाड़ी और मोबाइल भी रख लिया था
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरूद्ध सख्त कार्यवाही किये जाने के निर्देश पर इंदौर लोकायुक्त इकाई की कार्यवाही :-
असलम खान सरदारपुर
इंदौर लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरक्षक पर प्रखंड दर्ज किया है मामले में आरक्षण द्वारा फरियादी को जेल में डालने की धमकी देकर डरा धमका कर रुपए की मांग कर रहा था साथ ही रुपए नहीं देने पर आरक्षण द्वारा फरियादी की मोटरसाइकिल और मोबाइल भी रख लिया था।
यह पूरा मामला
आवेदक :- कमल भूरिया पिता श्री रमेश भूरिया, उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम बिमरोड, तहसील सरदारपुर जिला धार
आरोपी - अशोक मौर्य आरक्षक पुलिस चौकी रिंगनोद थाना सरदारपुर जिला धार
विवरण- आवेदक द्वारा लोकायुक्त कार्यालय उपस्थित होकर शिकायत की गई कि उसका भाई कालू उनके गांव के लल्लू की नातिन को भगा ले गया था जिसकी शिकायत लल्लू ने थाने पर कर दी थी लेकिन आवेदक के गांव की पंचायत ने आवेदक को दंड देते हुए 160000/ रुपए लल्लू को देने और लड़की को वापस करने का कहा तो आवेदक ने और उसके परिवार ने मिलकर लड़की को पंचायत के सामने लल्लू को वापस कर 50000/ रुपए भी दे दिए थे और बचे पैसे देने वाकी है इसका दोनों पक्षों ने कोर्ट जाकर राजीनामा बनवाया इसके बाद थाने पर आवेदक और पंचायत ने जाकर लड़की को पेश कर के राजीनामा होना बताया और दोनों पार्टी ने समझौता थाने पर पेश कर दिया । उसके दूसरे दिन को अशोक मौर्य ने आवेदक और उसके गांव के शंभू को थाने पर बुलाया और कहा अभी थाने की कारवाही वाकी है और मैं सब कारवाही कर रहा हु थाने के 50000/रुपए लगेगे नहीं तो सभी को जेल भेज दूंगा और आवेदक पर दबाव बनाकर 20000/रुपए उसी समय ले लिए और आवेदक की गाड़ी और मोबाइल अशोक मौर्य ने रख लिया और कहा जब बचे 30000/ रुपए दे देना तो गाड़ी और मोबाइल ले जाना। इस प्रकार आवेदक से शेष बचे 30000 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही थी जिसकी शिकायत आवेदक द्वारा श्री राजेश सहाय, पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना, लोकायुक्त कार्यालय इंदौर को की गई। सत्यापन में आरोपी द्वारा शेष बचे 30000/- की मांग की गई। इस प्रकार शिकायत सही पाये जाने पर आज दिनांक 03-09-2025 को ही ट्रेप दल का गठन किया गया। आरोपी द्वारा आवेदक का फोन नहीं उठाया गया और आरोपी पुलिस चौकी पर नहीं मिला आरोपी को लगातार फोन करने पर आवेदक के गांव के शंभू का आवेदक को फोन आया कि तुम्हारी गाड़ी और फोन अशोक मौर्य ने उसके घर पहुंचा दिए है और कहा है कि पैसे लेकर गाड़ी और फोन दे दूं तो तुम सरदारपर आ जाओ लेकिन रिश्वत राशि शंभू ने लेने से इनकार कर आवेदक का फोन लौटाया और गाड़ी सुबह देने का कहा है । आरोपी द्वारा रिश्वत् राशि 30000/- रू. की मांग करने पर आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा-7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई है । ट्रैप दल में कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर कार्यवाहक प्रधान आरक्षक आशीष शुक्ला कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा आरक्षक अनिल परमार आरक्षक शैलेंद्र सिंह बघेल आरक्षक आदित्य भदोरिया आरक्षक कृष्णा अहिरवार मौजूद रहे।

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