थांदला जावेद खान ।
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर प्रदेश में बढ़ती बेचैनी और आक्रोश के बीच सर्व शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर बड़ा निर्णय लिया है। विकासखंड स्तर पर शिक्षक ब्लाक समन्वय समिति का गठन किया गया, जिसमें संजय धानक (म.प्र. शिक्षक संगठन) को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए और पात्रता परीक्षा के मुद्दे पर व्यापक चर्चा कर आगामी रणनीति तैयार की गई।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बढ़ा असंतोष।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा अनिवार्य किए जाने के निर्णय से शिक्षा जगत में भारी रोष और भय का माहौल बन गया है।
संभागीय सचिव जसवंतसिंह डामोर ने इस निर्णय को अनुचित और अव्यावहारिक बताते हुए सरकार से तत्काल परीक्षा स्थगित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे हजारों शिक्षकों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
ब्लाक आईटी सेल प्रभारी रियाज खान ने स्पष्ट कहा कि इस निर्णय के खिलाफ शिक्षक संगठन कानूनी मोर्चा खोलेंगे।
➡️ उच्चतम न्यायालय के निर्णय को चुनौती
➡️ जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन
➡️ अध्यादेश के माध्यम से कानून में संशोधन की मांग
जरूरत पड़ने पर रिव्यू पिटीशन भी दायर की जाएगी।
सभी संगठनों ने एकजुटता की बैठक में ट्राईबल वेलफेयर टीचर एसोसिएशन, आजाद अध्यापक संघ, राज्य अध्यापक संघ सहित सभी संगठनों ने एक स्वर में कहा—
👉 पूरे देश में शिक्षकों के लिए समान नियम लागू हों
👉 शिक्षक हितों से कोई समझौता नहीं होगा
👉 आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रांतीय प्रतिनिधि बाबुसिंह डामोर ने कहा कि जब अधिनियम पूरे देश में समान रूप से लागू है, तो नियम भी समान रूप से लागू किए जाएं।
राज्य अध्यापक संघ के राजमल राठौड़ ने शिक्षकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव में न आएं।
उन्होंने कहा कि सभी संगठन शिक्षक हित में हर जरूरी कदम उठाएंगे और सभी को एकजुट होकर संगठन पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
अध्यक्ष बनने के बाद संजय धानक ने कहा—
“आप सभी ने जो जिम्मेदारी मुझे सौंपी है, उसे मैं पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगा। हम सभी मिलकर शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।”
उन्होंने बताया कि जल्द ही विधायक, सांसद, मंत्री एवं शासन को ज्ञापन सौंपकर पात्रता परीक्षा निरस्त करने की मांग उठाई जाएगी।
बैठक में रहे ये मौजूद।
बैठक में जवानसिंह बारिया, संयम शर्मा, परमेन्द्र चुड़ावत, रवि श्रीवास्तव, सुरेश वर्मा, राकेश डाबी, हरीश डामोर, उदयसिंह मीणा, ममता गरवाल, बालुसिंह मुणिया, खुमचंद गणावा सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर संगठनों की यह एकजुटता आने वाले दिनों में बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकती है। अब देखना होगा कि सरकार इस बढ़ते दबाव के बीच क्या कदम उठाती है।


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