भारत की अर्थव्यवस्था दो-चार उद्योगपतियों के हाथ में, हर वर्ग परेशान – राहुल गांधी

मांडू में कांग्रेस के दो दिवसीय नव संकल्प शिविर का आगाज़, राहुल गांधी वर्चुअल जुड़े


अल्ताफ खान 

धार, मप्र। मांडू में सोमवार से शुरू हुए मध्यप्रदेश कांग्रेस के दो दिवसीय नव संकल्प शिविर का उद्घाटन ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ हुआ। शिविर में कांग्रेस के सभी विधायक, वरिष्ठ नेता और प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वर्चुअल माध्यम से शिविर को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा,

“भारत की अर्थव्यवस्था कुछ उद्योगपतियों के नियंत्रण में है, जिससे हर वर्ग परेशान है। भाजपा देश में नफरत फैला रही है, और चुनावी गड़बड़ी की आशंका मध्यप्रदेश में भी है।”

उन्होंने मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने पर जातीय जनगणना कराने और दलित, पिछड़े, आदिवासी व महिलाओं को शासकीय नौकरियों में अवसर देने की बात कही। राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं को संगठन की मजबूती और जमीनी आंदोलन पर जोर देने का संदेश भी दिया।


"जातिगत जनगणना राहुल गांधी की बड़ी सोच" – हरीश चौधरी

प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि अगला चुनाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सोशल मीडिया से प्रभावित होगा, और कांग्रेस को भी तकनीक को हथियार बनाना होगा। उन्होंने कहा कि संगठन में सामूहिक सोच और व्यवहार ज़रूरी है, न कि व्यक्तिगत जिद।


"जनता को न्याय दिलाने का नव संकल्प" – उमंग सिंघार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान, युवा, महिला और आदिवासी वर्ग भाजपा शासन में शोषित हो रहे हैं। यह शिविर उनकी आवाज़ उठाने और लड़ाई लड़ने का संकल्प है।


"विधायक पार्टी का चेहरा हैं" – जीतू पटवारी

प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि

“पार्टी शरीर है और विधायक उसका चेहरा। हमें 2028 तक की परीक्षा में पास होना है। यह 3-4 साल संगठनात्मक मजबूती के लिए बेहद अहम हैं।”


"निवेश लाना बड़ी चुनौती" – कमलनाथ

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मध्यप्रदेश में युवाओं और किसानों के लिए यह समय कठिन है। निवेश तभी आएगा जब डिमांड और भरोसा बढ़ेगा, जो भाजपा सरकार में नहीं दिखता।


"सीबीआई-ईडी सरकार के इशारे पर काम कर रही" – विवेक तन्खा

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि कांग्रेस को अपने कानूनी मोर्चे को मज़बूत करना होगा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने 17 वकीलों की एक टीम तैयार की है, जो झूठे मुकदमों और सरकारी दमन का कानूनी जवाब देगी।


अनुभव साझा करने वाले अन्य वक्ता

शिविर में प्रेरक वक्ता सोनू शर्मा और विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवंदेव इसरानी ने विधायकों से संवाद किया और संगठन निर्माण, नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभव साझा किए।

शिविर का दूसरा दिन मंगलवार को होगा, जिसमें कई वरिष्ठ नेता फिर से विधायकों को मार्गदर्शन देंगे।



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