सात-समंदर पार धार के बाग-प्रिंट की धूम मध्यप्रदेश के शिल्पकार मोहम्मद खत्री "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" अवॉर्ड से सम्मानित

 कोकन अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव में बाग प्रिंट को मिली वैश्विक मान्यता।


अल्ताफ़ खान धार।


भारत की अनमोल धरोहर और मध्यप्रदेश के धार जिले की शान बाग प्रिंट ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कपड़ा उद्योग में अपनी छाप छोड़ी है। उज़्बेकिस्तान के ऐतिहासिक शहर कोकन में 19 से 21 सितंबर तक आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव-2025 में बाग प्रिंट के युवा शिल्पकार मोहम्मद खत्री ने अपनी अद्भुत कारीगरी से न केवल दर्शकों का मन मोह लिया, बल्कि भारतीय टेक्सटाइल को भी नई पहचान दिलाई।

इस महोत्सव में 70 देशों के 278 मास्टर कारीगरों ने भाग लिया, जिसमें भारत से केवल 2 शिल्पकार शामिल हुए। मोहम्मद खत्री को उनकी बाग प्रिंट कला और परंपरा के संरक्षण के लिये "मास्टर ऑफ द बेस्ट क्रॉफ्ट" अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें उज़्बेकिस्तान के फरगना रीजन के गवर्नर ख़ैरुल्लो बोज़ारोव ने प्रदान किया।


विदेशी फैशन डिज़ाइनर्स और कला समीक्षकों ने भी माना कि बाग प्रिंट सस्टेनेबल टेक्सटाइल का भविष्य है और इसे विश्वस्तरीय फैशन की मुख्यधारा में शामिल किया जा सकता है।

बाग प्रिंट और कपड़ा उद्योग की दिशा


मोहम्मद खत्री ने कहा कि, “बाग प्रिंट सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और कपड़ा उद्योग की पहचान है। आज जब पूरी दुनिया सस्टेनेबल फैब्रिक की ओर बढ़ रही है, तब बाग प्रिंट प्राकृतिक रंगों और परंपरागत तकनीक के जरिए भारतीय टेक्सटाइल को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है। मेरा सपना है कि इस कला को विश्व के बड़े फैशन और टेक्सटाइल ब्रांड से जोड़ा जाए ताकि आने वाली पीढ़ियाँ भी परंपरा और आधुनिकता का संगम देख सकें।”


पहले भी मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान


वर्ष 2017 में खत्री को बैंकॉक (थाईलैंड) में इंटरनेशनल फैशन डिजाइनर क्रिएशन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। वहीं मलेशिया के कुआलालम्पुर इंटरनेशनल क्रॉफ्ट्स फेस्टिवल में भी उन्होंने बाग प्रिंट की अद्वितीय छाप छोड़ी थी। देश के भीतर भी वे लगातार राष्ट्रीय प्रदर्शनियों और टेक्सटाइल मेलों में बाग प्रिंट की परंपरा को जीवित रखे हुए हैं।


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