बारिश से पहले अलर्ट मोड पर जल संसाधन विभाग,
सरदारपुर में सिंचाई तालाबों की मरम्मत तेज,,
असलम खान
सरदारपुर (धार)। बीते वर्ष भारी वर्षा के चलते तहसील क्षेत्र के कई प्रमुख सिंचाई तालाबों में लीकेज और टूट-फूट की घटनाएं सामने आई थीं। इनमें ग्राम मौलाना का तालाब पूरी तरह फूट गया था, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थीं। इस वर्ष जल संसाधन विभाग किसी भी तरह की क्षति से बचने के लिए अलर्ट मोड पर आ गया है और सभी तालाबों की निगरानी व मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं।
पिछले वर्ष की घटनाओं को देखते हुए इस बार विभाग ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। टांडा के समीप स्थित इंदिरा गांधी जलाशय (तारा घाटी) और चुनार डेम में हुई लीकेज की समस्या को विभाग ने समय रहते ठीक कर लिया है। इसके साथ ही इन जलाशयों के वेस्टवेयर (पानी निकासी द्वार) को नीचा किया गया है ताकि अधिक वर्षा होने की स्थिति में अतिरिक्त पानी सुरक्षित निकाला जा सके और तालाब के फूटने जैसी घटनाएं न हों।
मौलाना तालाब का पुनर्निर्माण कार्य प्रगति पर
विभाग द्वारा पिछले साल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मौलाना सिंचाई तालाब का पुनर्निर्माण कार्य तेज गति से किया जा रहा है। कार्य लगभग अंतिम चरण में है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही यह तालाब फिर से किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करेगा।
एसडीओ ने दी जानकारी
जल संसाधन विभाग सरदारपुर के एसडीओ एम.ए. सिद्दीकी ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष भारी वर्षा के कारण चुनार डेम और इंदिरा गांधी जलाशय में लीकेज की समस्या उत्पन्न हो गई थी, जिसे विभाग ने ठीक कर लिया है। साथ ही चुनार डेम की संपूर्ण मरम्मत के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष सभी सिंचाई तालाबों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, और मौलाना तालाब का पुनर्निर्माण कार्य भी शीघ्र पूर्ण कर किसानों को राहत दी जाएगी।
किसानों को राहत की उम्मीद
विभाग की सक्रियता से किसानों में राहत की उम्मीद जगी है। पिछले वर्ष हुई क्षति को देखते हुए इस बार विभाग की सतर्कता समय रहते नुकसान को रोक सकती है। यदि सभी कार्य समय पर पूर्ण होते हैं, तो आने वाले सीजन में क्षेत्र के किसान निर्बाध सिंचाई सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

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