37 गांवों के मरीजों के लिए संकट बना आम्बूआ स्वास्थ्य केंद्र, डॉक्टर नदारद,,
ब्रजेश खंडेलवाल
आम्बूआ (अलीराजपुर): जिले का हृदय कहे जाने वाले ग्राम आम्बूआ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इन दिनों डॉक्टर की अनुपस्थिति से जूझ रहा है। आसपास के करीब 37 गांवों के लोग उपचार के लिए इस केंद्र पर आते हैं, लेकिन यहां एक भी डॉक्टर की तैनाती नहीं है, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में यहां पोस्टेड एमबीबीएस डॉक्टर हितेश मसीह अस्वस्थ होने के कारण ड्यूटी पर नहीं आ पा रहे हैं। वहीं अस्पताल निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि फील्ड ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर को ही अस्पताल की जिम्मेदारी दी गई है, जो व्यवस्थाओं के साथ न्याय नहीं कर पा रहे।
रात के समय यह अस्पताल 14 घंटे तक सिर्फ एक एएनएम के भरोसे चलाया जा रहा है। बड़ी संख्या में मरीजों की मौजूदगी के बावजूद डॉक्टर न होने से कई मामलों में मरीजों को जिला मुख्यालय रेफर करना पड़ रहा है, जिससे ना केवल समय बल्कि धन की भी बर्बादी हो रही है।
थाना प्रभारी ने भी जताई चिंता
आंबूआ पुलिस थाना प्रभारी ने भी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ अलीराजपुर को पत्र भेजकर एमएलसी और अन्य मेडिकल परीक्षणों के लिए डॉक्टर की तैनाती की मांग की है। उन्होंने लिखा कि बार-बार जिला मुख्यालय मरीजों को भेजना व्यवहारिक और आर्थिक रूप से दोनों ही नुकसानदेह है।
अधिकारियों का क्या कहना है?
बीएमओ डॉ. प्रेम प्रकाश पटेल ने बताया कि डॉक्टरों की भारी कमी है और पोस्टिंग के अधिकार उनके पास नहीं हैं। "अब डॉक्टरों की पोस्टिंग सीधे भोपाल से होती है।"
वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. देवेंद्र सुनहरे ने बताया, "पूर्व में डॉक्टर की पोस्टिंग की गई थी लेकिन शिकायतों के कारण उन्हें हटाना पड़ा। फिलहाल एक बॉन्डेड डॉक्टर को भेजा गया है, लेकिन उनकी ट्रेनिंग चल रही है। हम प्रयासरत हैं कि जल्द से जल्द डॉक्टर की व्यवस्था की जाए।"
ग्रामीणों की मांग: जल्द हो डॉक्टर की नियुक्ति
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आम्बूआ में स्थायी डॉक्टर की जल्द से जल्द नियुक्ति की जाए, ताकि ग्रामीण अंचल की बड़ी आबादी को राहत मिल सके और स्वास्थ्य सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
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